यू पी वी सी पाईप
1 सेनीटरी ड्रेन
2 स्पलिट ए सी ड्रेन पाईप
3 ट्यूबवेल केसिंग
4 पीने वाले पानी के पाईप
5 बिजली के पाईप
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फेक्ट्री
आशा जी 09990333305
उषा जी 01147020770
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सेल्ज् स्टाफ
साउथ देल्ही
दिनेश 09990333302
वेस्ट देल्ही
मनोहर 09990333306
ईस्ट देल्ही
परमोद 09990333311
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यू पी, राजस्थान ,हरयाणा ,उतराखंड , हिमाचल , पंजाब
मनोज झा जी 09990333312
वरिंदर जी 09990333304
अनिल जी 09990333310
तिवारी जी 09990333309
पी वी सी का मतलब है पोली वॆनाइल क्लोराईड
क्लोराईड बनता है क्लोरीन से
क्लोरीन का सब से बड़ा सोरस है नमक , सोडियम क्लोराईड
वीनाईल आता है अल्कोहल से या क्रूड आयल से . केम्प्लासट अल्कोहल से , रिलायंस क्रूड आयल से पी वी सी बनाती है . श्री राम तो असिटलीन गेस यूज करती है . 43% अल्कोहल
पर सभी क्लोरीन तो नमक से ही लेते हैं . 57% नमक
सेतिया पाईप हम पी वी सी रेजन पाऊडर से बनाना शुरू करते हैं .
इस का मेलटिंग टेम्प्रेचर और जलने का टेम्प्रेचर बहुत करीब होता है . इस लिए हम रेजिन में कई दुसरे केमिकल डाल कर मेल्टिंग टेम्परेचर नीचे ला कर उसे मेल्ट कर के एक्स्ट्रड कर के पाईप बनाते हैं .यह केमिकल 180/ प्रीटी किलो से 300 रुपये प्रती किलो तक होती है . यह 100 पार्ट रेजिन में 5 पार्ट यह स्टेबीलाईजर डाले जाते हैं .
पाईप की ताकत बडाने के लिए स्पेशल महंगे केमोक्ल डालते हैं .
आऊट डोर में सूरज की यू वी किरणों से पाईप खराब ना हो इस काम के लिए स्पेशल केमिकल 190/ प्रती किलो से ले कर 3000 रुपए प्रती किलो तक के महंगे केमिकल डाल कर क्वालिटी को बेहतर बनाया जाता है . इस से सफेद पाईप दूधिया सफेद भी हो जाता है और ग्रे पाईप की भी लाईफ और सफेदी बड जाती है
.
एक पाऊडर है केल्शियम कार्बोनेट जिसे हम चाक या सिम्पली केल्शियम भी कहते हैं .
अगर आज रेजिन की कीमत है 75/ किलो तो केल्शियम आज 8 से 13/ प्रती किलो है .
100 पार्ट रेजिन में 8 पार्ट केल्शॆयम तक यह पाईप की ताकत बदाता है और कास्ट भी कम करता है
इस से ज्यादा केल्शियम डालने से पाईप की मजबूती कम होती जाती है .
पर क्म्पीटीशन और सस्ता बेचने की होड़ में लोग 100 हिस्स्से रेजिन में 80 हिस्से तक केल्शियम डाल रहे है .
सेतिया पाईप हम पी वी सी रेजन पाऊडर से बनाना शुरू करते हैं .
इस का मेलटिंग टेम्प्रेचर और जलने का टेम्प्रेचर बहुत करीब होता है . इस लिए हम रेजिन में कई दुसरे केमिकल डाल कर मेल्टिंग टेम्परेचर नीचे ला कर उसे मेल्ट कर के एक्स्ट्रड कर के पाईप बनाते हैं .यह केमिकल 180/ प्रीटी किलो से 300 रुपये प्रती किलो तक होती है . यह 100 पार्ट रेजिन में 5 पार्ट यह स्टेबीलाईजर डाले जाते हैं .
पाईप की ताकत बडाने के लिए स्पेशल महंगे केमोक्ल डालते हैं .
आऊट डोर में सूरज की यू वी किरणों से पाईप खराब ना हो इस काम के लिए स्पेशल केमिकल 190/ प्रती किलो से ले कर 3000 रुपए प्रती किलो तक के महंगे केमिकल डाल कर क्वालिटी को बेहतर बनाया जाता है . इस से सफेद पाईप दूधिया सफेद भी हो जाता है और ग्रे पाईप की भी लाईफ और सफेदी बड जाती है
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एक पाऊडर है केल्शियम कार्बोनेट जिसे हम चाक या सिम्पली केल्शियम भी कहते हैं .
अगर आज रेजिन की कीमत है 75/ किलो तो केल्शियम आज 8 से 13/ प्रती किलो है .
100 पार्ट रेजिन में 8 पार्ट केल्शॆयम तक यह पाईप की ताकत बदाता है और कास्ट भी कम करता है
इस से ज्यादा केल्शियम डालने से पाईप की मजबूती कम होती जाती है .
पर क्म्पीटीशन और सस्ता बेचने की होड़ में लोग 100 हिस्स्से रेजिन में 80 हिस्से तक केल्शियम डाल रहे है .
इसी लिए 75/ प्रती किलो रेजिन की कीमत होते हुए भी कई पाईप 60 से 70 रुपए किलो तक भी बिक रहे हैं।
सस्ता रोये बार बार
सस्ता रोये बार बार

