बिजनेस भरोसे पर चलता है
भरोसा हटा, बिजनेस घटा
इस में दूसरा मौक़ा कभी नहीं मिलता
बैंक हमे लोन देता है तो हमे या तो स्टोक के अगेंस्ट देता है या प्रॉपर्टी के अगेंस्ट
बैंक हमे लोन देता है तो हमे या तो स्टोक के अगेंस्ट देता है या प्रॉपर्टी के अगेंस्ट
सप्लायर हमें क्रेडिट यानी उधार देता है , इस का मतलब उस को हम पर भरोसा है
भरोसा है की हम उसे पेमेंट निर्धारित समय पर दे देंगे
हम उसे चेक से पेमेंट देते हैं , तो उसे यकीन होता है की हमारा चेक पास हो जाएगा
हमारी पेमेंट लेट हुई , उस का भरोसा कम हुआ
हमारा चेक फ़ैल हुआ , उस का भरोसा कम हुआ
यह बार बार हुआ तो वो हमें क्रेडिट क्यों देगा
उसे भी तो आगे अपने क्रेडिटर को पैसे देने होते हैं
वो कभी नहीं चाहेगा के आप के कारण उस का भरोसा टूटे
वो जान जाएगा की आप के साथ बिज़नस करने से , उस का बिज़नस फ़ैल हो जाएगा।
कई नए बिज़नस में आये लोग और कई बईमान पुराने बिजनेस करने वाले इस बात को नहीं समझते
ज्यादा तर नए बिजनेसमेन इस बात को नहीं समझते और कुछ बचे खुचे पुराने बिज्नेस्मन .
ऐसा करने वाले पुराने बिजनेस मेन मोस्टली तो पहले ही फ़ैल हो जाते हैं तो वो कम ही मिलते हैं .
इस लिए तो में कहता हूँ , भरोसा मत तोड़ो स्प्लाएर का और बायर का
पेमेंट में , क्वालिटी में , सर्विस में
विजय सेतिया उम्र 68
एम् ई यू एस ए
09810590905

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